कहानी कम्युनिस्टों की (भाग – १)

मैं अगर कहूं कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरूजी थे, तो आप अवश्य ही मुझसे सहमत होंगे। मैं अगर कहूं कि वे कांग्रेस के नेता थे, तो भी आप मुझसे अवश्य ही सहमत होंगे। लेकिन अगर मैं कहूं कि नेहरूजी वामपंथी थे, तो आप सहमत होंगे? अगर मैं कहूं कि नेहरूजी भारत के सबसे बड़े कम्युनिस्ट थे, तो आप मानेंगे? शायद आप मुझे अज्ञानी कहेंगे या मूर्ख समझेंगे। लेकिन अगर वास्तव में यही सच हो, तो? 🤔 इस बारे में अपनी पुरानी राय पर अड़े रहने या आंख मूंदकर मेरी बात मान लेने की बजाय आपको लेखक श्री संदीप देव आगे पढ़ें …

अमरीका में पहला सप्ताह (अमरीकी डायरी-२)

इस श्रृंखला के पहले भाग में आपने सिंगापुर से निकलकर अमरीका पहुंचने तक की यात्रा के बारे में पढ़ा (पहला भाग यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं)। अब इस भाग में मैं आपको उसके आगे की कहानी बताने वाला हूं। ७ जुलाई की रात अरुणजी ने हमें सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे से पालो आल्टो में हमारे होटल तक पहुंचाया। मेरे इस वृतांत में आप पालो आल्टो, सनीवेल, मेनलो पार्क, रेडवुड सिटी, फ्रीमोंट, सैन होज़े, सैन फ्रांसिस्को, बे-एरिया, कैलिफोर्निया, डाउनटाउन आदि कई नाम अक्सर पढ़ेंगे। इनके बारे में आपको संक्षेप में बता देता हूं। अमरीका में कुल ५० राज्य हैं, जिनमें आगे पढ़ें …

असंभव आगमन (अमरीकी डायरी – १)

जीवन में कई बार असंभव लगने वाली बातें भी संभव हो जाती हैं। मेरा अमरीका आगमन भी मेरे लिए ऐसी ही असंभव और अविश्वसनीय लगने वाली बात है और इसका कारण भी है। कुछ वर्षों पहले जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, उस समय तक आईटी और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र बहुत बढ़ चुका था और इसमें नौकरी मिलने का मतलब था, अमरीका जाने की संभावना। वास्तव में अधिकांश लोग इस क्षेत्र में यही आशा लेकर आते थे कि एक दिन उन्हें भी किसी प्रोजेक्ट के लिए अमरीका जाने का अवसर मिलेगा और उनका ‘अमेरिकन ड्रीम’ अंततः सच हो जाएगा। लेकिन आगे पढ़ें …

जयललिता की कहानी

कल सिंगापुर से अमरीका की फ्लाइट में मैंने एक नई पुस्तक ‘अम्मा’ भी पढ़ी। पत्रकार वासंती द्वारा लिखित यह पुस्तक तमिलनाडु की पूर्व-मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बारे में है। यह तो सभी को मालूम है कि पिछले कुछ वर्षों से तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि और जयललिता का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन यह बात शायद कम ही लोग जानते होंगे कि राजनीति में इन दोनों नेताओं का पदार्पण कब और कैसे हुआ व इनकी राजनैतिक यात्रा कैसी रही है। इनमें से जयललिता के राजनैतिक जीवन का परिचय मुझे इस पुस्तक के माध्यम से मिला। करुणानिधि और उनसे भी पहले आगे पढ़ें …

भारत के अदृश्य (प्रथम) नागरिक!

(श्री स्वदेश सिंह के लेख का अनुवाद) भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने जब श्री रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया, तो बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी ने कथित रूप से पत्रकारों से पूछा था: ये रामनाथ कोविंद कौन है? और ऐसा पूछने वाली वे अकेली नहीं थीं। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने कहा कि रामनाथ कोविंद को कोई नहीं ‘पहचानता’ और वे कोई ‘बड़े’ नेता नहीं हैं। इसलिए जिन लोगों ने उनका नाम नहीं सुना था, उन्हें लगा कि भाजपा ने केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए एक दलित को अपना आगे पढ़ें …

मीडिया का एजेंडा?

कल शाम दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए मतदान खत्म हुआ। और सुना है कि उसके कुछ ही समय बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा एक आंदोलन भी समाप्त हो गया। क्या इन दो बातों के बीच कोई संबंध है? क्या वे आंदोलनकारी वाकई किसान थे या तमिलनाडु की किसी जनजाति के संपेरे थे? क्या वे वामपंथी गैंग के सदस्य थे या ग्रीनपीस एनजीओ के कार्यकर्ता थे? क्या ये सही है इंडिया टुडे के कुछ ‘पत्रकार’ (?) उनमें से कुछ लोगों को नोएडा के पास एक गांव के सूखे खेतों में फोटो खिंचवाने के लिए साथ ले गए और आगे पढ़ें …

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव २०१७

आज २३ अप्रैल को फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान हो रहा है। पिछले दो वर्षों में, विशेषतः सीरिया में जारी युद्ध, आइसिस के उभार और यूरोप में बढ़े शरणार्थी संकट के बाद से परिस्थिति बहुत संवेदनशील हो गई है। अधिकांश देशों में शरणार्थियों के मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया और आपसी विरोध दिखाई पड़ रहा है। हर देश में कुछ गुट या पार्टियां इनके समर्थन में हैं और कुछ पूरी तरह विरोध में। इसके अलावा यूरोपीय देशों के लोग हाल ही में उभरी कुछ अन्य समस्याओं, जैसे बढ़ते अपराधों और आतंकी हमलों से भी चिंतित आगे पढ़ें …

मालदीव की हमारी यात्रा

हाल ही में, मैं मालदीव की यात्रा से लौटा हूं। मेरी यात्रा का विवरण आपके लिए इस पोस्ट में शेयर कर रहा हूं। मैं अपने परिवार के साथ १४ अप्रैल की रात में मालदीव पहुंचा। चूंकि शाम ७ बजे के बाद रिसॉर्ट पर जाने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए हमने पहले ही हुलहुमाले के एक होटल में कमरा बुक करवा लिया था। हुलहले द्वीप के पास ही हुलहुमाले एक नया द्वीप है, जो समुद्र को पाटकर बनाया गया है। एक पुल इन दोनों द्वीपों को जोड़ता है। हुलहुमाले बहुत सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से बसाया जा रहा छोटा-सा नगर आगे पढ़ें …

मालदीव: हिन्द महासागर में द्वीपों का देश

कुछ तथ्य: क्षेत्रफल– ९० हजार वर्ग किमी (केवल २९८ वर्ग किमी भूमि) कुल द्वीप – ११९० (मानव बस्ती केवल १८८) जनसंख्या – ४ लाख ७ हजार राजधानी – माले (जनसंख्या १ लाख १६ हज़ार) स्थानीय समय – जीएमटी +५ भाषा – दिवेही (आधिकारिक), अंग्रेज़ी धर्म – इस्लाम (१००%) मुद्रा – रुफिया भारत के दक्षिण पश्चिम में लक्षद्वीप से कुछ ही दूरी पर एशिया का सबसे छोटा देश ‘मालदीव’ स्थित है। यह ९० हजार वर्ग किमी में फैले १९ प्रवाल द्वीपसमूहों (स्थानीय भाषा में एटोल) की एक श्रृंखला है, जिसमें लगभग ११९२ द्वीप हैं। लेकिन इसका १ प्रतिशत से भी कम, आगे पढ़ें …

अंकोर वाट

मैंने बचपन में कहीं पढ़ा था कि पूर्वी एशिया में कंबोडिया नाम का कोई देश है और वहां ‘अंकोर वाट’ का प्राचीन मंदिर है, जो कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। उसी समय से मेरे मन में इसे देखने की इच्छा थी। उस समय तो यह असंभव लगता था, लेकिन अभी कुछ ही दिनों पहले वह काम पूरा हो गया। पूर्वी एशिया के देशों, जैसे थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस आदि के साथ भारत का बहुत प्राचीन और गहरा संबंध रहा है। अतीत में इन सभी देशों में कई शताब्दियों तक हिन्दू और बौद्ध राज्य रहे हैं। रामायण आगे पढ़ें …