कॉमनवेल्थ: गुलामी की निशानी

सोलहवीं शताब्दी से ब्रिटेन ने दुनिया भर के देशों पर कब्जा करना और उन्हें गुलाम बनाना शुरू किया। इन देशों को ब्रिटिश कॉलोनियां या उपनिवेश कहा गया। इन देशों का शासन पूरी तरह ब्रिटिश सरकार के अधीन था। भारत भी इनमें से एक था। उन्नीसवीं शताब्दी में इन देशों को स्वतंत्रता या स्वायत्तता मिलना शुरू हुई। सन १८६७ में कनाडा को डोमिनियन का दर्जा मिला। इसका मतलब ये था कि अब कनाडा का शासन ब्रिटिश सरकार नहीं, बल्कि कनाडा के लोग ही चलाएंगे। लेकिन, कनाडा पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हुआ था। डोमिनियन होने का मतलब था कि अभी भी ब्रिटेन आगे पढ़ें …

शिमला समझौता

पिछले लेख में मैंने १९४७ में पाकिस्तान के जन्म से लेकर १९७१ में बांग्लादेश के जन्म तक के इतिहास के बारे में संक्षेप में आपको जानकारी दी थी। आज उसके आगे की बात करने वाला हूं। हालांकि कुछ बातों का संदर्भ स्पष्ट करने के लिए बीच-बीच में इतिहास के कुछ अन्य प्रसंगों का भी उल्लेख करूंगा। तो आइये कल की बात को आगे बढ़ाएं। १६ दिसंबर १९७१; केवल १३ दिनों की लड़ाई के बाद ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए। युद्ध के दौरान वहां का सरकारी मीडिया लोगों को गलत खबर देता रहा कि पाकिस्तान बहुत मज़बूत स्थिति में है आगे पढ़ें …

विजय-दिवस

सन १९४७ में भारत 🇮🇳 का विभाजन हुआ और पाकिस्तान 🇵🇰 जन्मा। तब पाकिस्तान के दो हिस्से थे – एक पश्चिमी पाकिस्तान, जो आज का पाकिस्तान है और दूसरा पूर्वी पाकिस्तान, जो आज का बांग्लादेश है। इस नए राष्ट्र के जन्म के समय पश्चिमी हिस्से की तुलना में पूर्वी पाकिस्तान की जनसंख्या ज्यादा थी। देश की आमदनी में योगदान भी पूर्वी पाकिस्तान का ही ज्यादा था। लेकिन पूर्वी पाकिस्तान के निवासी महसूस करते थे कि उनके योगदान के बदले उन्हें उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल रहा है। बांग्ला भाषा को ऊर्दू जितना महत्व नहीं मिलता था, पूर्वी भाग के आगे पढ़ें …