राफ़ेल (भाग – २)

राफ़ेल का पूरा मामला आखिर क्या है? क्या वाकई मोदी सरकार इसमें बेईमानी कर रही है? क्या रिलायंस को फ़ायदा पहुँचाने के लिए कोई हेराफेरी की गई है? जानने के लिए मेरा यह लेख पढ़ें।

राफ़ेल (भाग – १)

राफ़ेल का पूरा मामला आखिर क्या है? क्या वाकई मोदी सरकार इसमें बेईमानी कर रही है? क्या रिलायंस को फ़ायदा पहुँचाने के लिए कोई हेराफेरी की गई है? जानने के लिए मेरा यह लेख पढ़ें।

घुसपैठ…

बांग्लादेश का निर्माण: सन १९४७ में भारत का अंतिम विभाजन हुआ और पाकिस्तान बना। आगे १९७१ में हुए युद्ध के बाद पाकिस्तान के भी दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इस बारे में मैंने विस्तार से एक लेख लिखा था, जो आप यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं। १९७१ के युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण का मुख्य कारण यह था कि बांग्लादेश के लोगों को यह महसूस होता था कि पाकिस्तान सरकार भाषा, प्रशासन, राजस्व, प्रतिनिधित्व आदि सभी मामलों में बांग्लादेश के साथ भेदभाव करती है। इसे लेकर लगातार आंदोलन चलते रहते थे और उनके दमन के लिए सेना आगे पढ़ें …

तकनीक का दुरुपयोग?

महाराष्ट्र में जालना जिले के एक गाँव में एक गरीब दलित परिवार में जन्मे दिलीप म्हस्के ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गाँव के ही स्कूल से पूरी की। उसके आगे की पढ़ाई नवोदय विद्यालय में करने के लिए केन्द्र सरकार से छात्रवृत्ति मिली। बारहवीं तक की पढ़ाई वहीं से पूरी हुई। जालना जिले में अकाल की परिस्थिति के कारण परिवार मुंबई चला आया। म्हस्के महोदय ने वहीं से कानून की डिग्री हासिल की। गरीबी के कारण मजदूरी भी करनी पड़ी। आगे उन्होंने मुंबई आईआईटी से प्लानिंग एंड डेवलपमेंट के विषय में कोई डिग्री ली। उसी दौरान वे सामाजिक और राजनैतिक कार्यों आगे पढ़ें …

कश्मीर…

पाकिस्तान की आज की हरकतों को देखकर फिर एक बार यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान हमसे बात करना ही नहीं चाहता। मुझे तो यही लगता है कि पाकिस्तान से बात करने का कोई फायदा भी नहीं है और न उससे कुछ हासिल होने वाला है। पाकिस्तान की रुचि कश्मीर मुद्दे को सुलझाने से ज्यादा उलझाए रखने में है क्योंकि इससे उसको दोहरा फायदा होता है। एक तो कश्मीर की मुक्ति के नाम पर पाकिस्तान भारत में आतंकवाद फैलाकर यहां अशांति और अस्थिरता कायम रख पाता है और दूसरी तरफ वहां की सरकारों और नेताओं को बाहर से करोड़ों आगे पढ़ें …