वन बेल्ट – वन रोड

सन २०१३ में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने “वन बेल्ट वन रोड” (ओबोर) प्रोजेक्ट का विचार प्रस्तुत किया। इसके अंतर्गत चीन से सड़क मार्ग और समुद्री मार्ग द्वारा एशिया, यूरोप और अफ्रीका के अनेक देशों को जोड़ने का प्रस्ताव है। चीन का दावा है कि इससे इन देशों के बीच माल परिवहन की लागत कम होगी, व्यापार बढ़ेगा और सबका लाभ होगा। कई देश इसमें शामिल हुए हैं और कई परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है। “चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा” (सीपेक) और पाकिस्तान के ग्वादर में चीन द्वारा बनाया जा रहा बंदरगाह इसी का एक हिस्सा है। चीन का यह आगे पढ़ें …

कहानी कम्युनिस्टों की (भाग – १)

मैं अगर कहूं कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरूजी थे, तो आप अवश्य ही मुझसे सहमत होंगे। मैं अगर कहूं कि वे कांग्रेस के नेता थे, तो भी आप मुझसे अवश्य ही सहमत होंगे। लेकिन अगर मैं कहूं कि नेहरूजी वामपंथी थे, तो आप सहमत होंगे? अगर मैं कहूं कि नेहरूजी भारत के सबसे बड़े कम्युनिस्ट थे, तो आप मानेंगे? शायद आप मुझे अज्ञानी कहेंगे या मूर्ख समझेंगे। लेकिन अगर वास्तव में यही सच हो, तो? इस बारे में अपनी पुरानी राय पर अड़े रहने या आंख मूंदकर मेरी बात मान लेने की बजाय आपको लेखक श्री संदीप देव (Sandeep आगे पढ़ें …

एक पोर्ट की रिपोर्ट

परसों ३० अक्टूबर को भारत का एक जहाज भारत के कांडला बंदरगाह से सामान लेकर ईरान के चाबहार बंदरगाह की तरफ रवाना हुआ। वहां से इसे ट्रकों से अफगानिस्तान भेजा जाएगा। भारत की ओर से अफगानिस्तान के लोगों की मदद के लिए ११ लाख टन गेहूं भेजा जाने वाला है और ये इसकी पहली खेप है। यह खबर आपने पिछले १-२ दिनों में पढ़ ही ली होगी। इसमें कुछ नया नहीं है और ऊपरी तौर पर इसमें कोई खास बात भी नहीं दिखती। एक से दूसरे देश में व्यापार होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन भारत से अफगानिस्तान में आगे पढ़ें …