अमरीका में हज़ार मील (अमरीकी डायरी – ११)

आज मेरी कार 🚗 का ओडोमीटर १००० मील (किमी नहीं) पर पहुँच गया है। इसका मतलब यह भी है कि मैंने अमरीका में १००० मील से ज़्यादा गाड़ी चला ली है। (फोटो नीचे कमेन्ट में है :P) अभी फ़रवरी २०१८ चल रहा है और मुझे फ़रवरी २०१६ के दिन फिर से याद आ रहे हैं। तब मैं जीवन में पहली बार भारत 🇮🇳 से बाहर निकला था और सीधे अमरीका 🇺🇸 ही आया था। तब यहां की यातायात व्यवस्था और नियमों को समझने में बहुत दिक्कत होती थी। भारत में गाड़ियां सड़क 🛣 की दायीं ओर चलती हैं, जबकि यहां आगे पढ़ें …

अमरीका में अपनी कार (अमरीकी डायरी – १०)

दक्षिण अमरीकी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा के महापौर एनरिक पेनालोसा ने एक बहुत अच्छी बात कही थी- “विकसित देश वह नहीं है जहां गरीब व्यक्ति भी कार खरीद सकता हो, बल्कि विकसित देश वह होता है, जहां अमीर लोग भी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करते हैं।” मैं उनकी इस बात से सहमत हूं। महानगरों में बसों और मेट्रो आदि की सुविधा ही इतनी बढ़िया और आरामदायक होनी चाहिए कि लोगों को कारों की ज़रूरत ही न पड़े। सिंगापुर ऐसा ही एक विकसित देश है। अमरीका में भी शायद न्यूयॉर्क शहर ऐसा ही है। लेकिन कैलिफोर्निया का हमारा इलाका आगे पढ़ें …

अमरीकी टैक्सी ड्राइवर (अमरीकी डायरी – ८)

देश का हालचाल जानने के लिए रेल यात्रा सबसे उपयुक्त माध्यम है। परिस्थितियां ऐसी रहीं कि बचपन से ही मुझे खूब यात्राएं करनी पड़ीं। नई जगहों, नई बातों, नई चीज़ों के बारे में जानना मुझे हमेशा से पसंद था। इसलिए इन यात्राओं से बहुत-कुछ सीखने को मिला। मन में जिज्ञासा भी खूब थी, आज भी है। इसलिए सीखना-समझना-जानना आज भी जारी है। लेकिन अब भारत में रेलयात्रा करने का मौका बहुत कम मिलता है। ज़्यादातर मुझे विमान से ही यात्रा करनी पड़ती है। हालांकि कोशिश करके साल में एकाध बार भारत में रेलयात्रा करने का मौका मैं निकालता हूं, लेकिन आगे पढ़ें …

अमरीकी दस्तावेज़ (अमरीकी डायरी – ७)

अमरीकी डायरी के पिछले दो भागों में आपने पढ़ा कि मैं जुलाई में परिवार के साथ सिंगापुर से अमरीका के कैलिफोर्निया आया। पहला हफ्ता पालो आल्टो के एक होटल में गुज़ारने के बाद हम एक महीने के लिए सनीवेल के एक अपार्टमेंट में रहे। उसके बाद हमने फ्रीमोंट शहर में अपना स्थायी ठिकाना ढूंढ लिया और अगस्त २०१७ में हम यहां शिफ्ट हो गए। इस लेख में मैं आपको उसी शुरुआती एक महीने के कुछ अनुभवों के बारे में बताने वाला हूं। जुलाई २०१७ से पहले भी मैं पिछले एक वर्ष में ४ बार अमरीका आ चुका था। लेकिन तब आगे पढ़ें …

अमरीका में पेट्रोल (अमरीकी डायरी – ३)

भारत में अपनी कार में पेट्रोल तो मैंने कई बार डलवाया है, लेकिन अपने हाथ में पाइप पकड़कर पेट्रोल भरने की नौबत कभी नहीं आई थी। आज वो काम भी करना पड़ा क्योंकि यहां ज्यादातर पेट्रोल पंप ऐसे ही होते हैं। कोई कर्मचारी नहीं होता, आपको खुद ही मशीन में अपना क्रेडिट/डेबिट कार्ड डालकर भुगतान करना पड़ता है और पाइप उठाकर खुद ही पेट्रोल भरना पड़ता है। चूंकि इस काम में मैं अनाड़ी था, इसलिए थोड़ी दिक्कत भी हुई। किराए की कार थी, इसलिए पहले तो यह याद नहीं रहा कि उसकी पेट्रोल की टंकी का ढक्कन दाईं तरफ है आगे पढ़ें …

अमरीका में पहला सप्ताह (अमरीकी डायरी-२)

इस श्रृंखला के पहले भाग में आपने सिंगापुर से निकलकर अमरीका पहुंचने तक की यात्रा के बारे में पढ़ा (पहला भाग यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं)। अब इस भाग में मैं आपको उसके आगे की कहानी बताने वाला हूं। ७ जुलाई की रात अरुणजी ने हमें सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे से पालो आल्टो में हमारे होटल तक पहुंचाया। मेरे इस वृतांत में आप पालो आल्टो, सनीवेल, मेनलो पार्क, रेडवुड सिटी, फ्रीमोंट, सैन होज़े, सैन फ्रांसिस्को, बे-एरिया, कैलिफोर्निया, डाउनटाउन आदि कई नाम अक्सर पढ़ेंगे। इनके बारे में आपको संक्षेप में बता देता हूं। अमरीका में कुल ५० राज्य हैं, जिनमें आगे पढ़ें …

असंभव आगमन (अमरीकी डायरी – १)

जीवन में कई बार असंभव लगने वाली बातें भी संभव हो जाती हैं। मेरा अमरीका आगमन भी मेरे लिए ऐसी ही असंभव और अविश्वसनीय लगने वाली बात है और इसका कारण भी है। कुछ वर्षों पहले जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, उस समय तक आईटी और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र बहुत बढ़ चुका था और इसमें नौकरी मिलने का मतलब था, अमरीका जाने की संभावना। वास्तव में अधिकांश लोग इस क्षेत्र में यही आशा लेकर आते थे कि एक दिन उन्हें भी किसी प्रोजेक्ट के लिए अमरीका जाने का अवसर मिलेगा और उनका ‘अमेरिकन ड्रीम’ अंततः सच हो जाएगा। लेकिन आगे पढ़ें …

मालदीव की हमारी यात्रा

हाल ही में, मैं मालदीव की यात्रा से लौटा हूं। मेरी यात्रा का विवरण आपके लिए इस पोस्ट में शेयर कर रहा हूं। मैं अपने परिवार के साथ १४ अप्रैल की रात में मालदीव पहुंचा। चूंकि शाम ७ बजे के बाद रिसॉर्ट पर जाने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए हमने पहले ही हुलहुमाले के एक होटल में कमरा बुक करवा लिया था। हुलहले द्वीप के पास ही हुलहुमाले एक नया द्वीप है, जो समुद्र को पाटकर बनाया गया है। एक पुल इन दोनों द्वीपों को जोड़ता है। हुलहुमाले बहुत सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से बसाया जा रहा छोटा-सा नगर आगे पढ़ें …