श्रीलंका में राजनैतिक संघर्ष

भारत में जब आप पिछले दो महीनों के दौरान कुछ विधानसभा चुनावों की ख़बरें जानने में व्यस्त थे, उसी दौरान श्रीलंका में भी एक बड़ी राजनैतिक हलचल हो रही थी। इसकी शुरुआत २६ अक्टूबर को हुई। राष्ट्रपति मैत्रीपाल श्रीसेन ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को पद से हटाए बिना ही महेंद्र राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। इसका मतलब एक ही समय पर देश में दो प्रधानमंत्री हो गए। इसके कारण देश में एक बड़ा संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था। रानिल विक्रमसिंघे ने राजपक्षे की नियुक्ति को अवैध बताया और पद छोड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने संसद का सत्र आगे पढ़ें …

शिमला समझौता

पिछले लेख में मैंने १९४७ में पाकिस्तान के जन्म से लेकर १९७१ में बांग्लादेश के जन्म तक के इतिहास के बारे में संक्षेप में आपको जानकारी दी थी। आज उसके आगे की बात करने वाला हूं। हालांकि कुछ बातों का संदर्भ स्पष्ट करने के लिए बीच-बीच में इतिहास के कुछ अन्य प्रसंगों का भी उल्लेख करूंगा। तो आइये कल की बात को आगे बढ़ाएं। १६ दिसंबर १९७१; केवल १३ दिनों की लड़ाई के बाद ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए। युद्ध के दौरान वहां का सरकारी मीडिया लोगों को गलत खबर देता रहा कि पाकिस्तान बहुत मज़बूत स्थिति में है आगे पढ़ें …

विजय-दिवस

सन १९४७ में भारत 🇮🇳 का विभाजन हुआ और पाकिस्तान 🇵🇰 जन्मा। तब पाकिस्तान के दो हिस्से थे – एक पश्चिमी पाकिस्तान, जो आज का पाकिस्तान है और दूसरा पूर्वी पाकिस्तान, जो आज का बांग्लादेश है। इस नए राष्ट्र के जन्म के समय पश्चिमी हिस्से की तुलना में पूर्वी पाकिस्तान की जनसंख्या ज्यादा थी। देश की आमदनी में योगदान भी पूर्वी पाकिस्तान का ही ज्यादा था। लेकिन पूर्वी पाकिस्तान के निवासी महसूस करते थे कि उनके योगदान के बदले उन्हें उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल रहा है। बांग्ला भाषा को ऊर्दू जितना महत्व नहीं मिलता था, पूर्वी भाग के आगे पढ़ें …