वीर सावरकर को सादर नमन

जिन सावरकर जी की लिखी पंक्तियाँ अंदमान जेल से पिछली सरकार ने उखाड़कर फेंक दी थीं, उसी अंदमान जेल में जाकर देश का प्रधानमंत्री सावरकर जी की स्मृति में शीश झुकाता है, ये भी मेरे लिए अच्छे दिन हैं। नकारात्मक विचारों वाले लोग इस बात का हिसाब लगाने और शिकायती स्वर में रोते रहने के लिए स्वतंत्र हैं कि इस सरकार ने क्या-क्या काम नहीं किए। मैं हर मामले में सकारात्मक पहलू को देखने वाला व्यक्ति हूँ और मेरा ध्यान इसी बात पर रहता है कि कहाँ क्या अच्छा हो रहा है। पिछली सरकार से भी मेरी नाराज़गी इस बात आगे पढ़ें …