बिहार पर विचार…

कल बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम ने लगभग सभी को चौंका दिया है। चुनाव लड़ने वाला हर कोई जीतने या किसी को हराने के लिए ही लड़ता है (इन दोनों बातों में फर्क है!), इसलिए जो जीते हैं उनकी खुशी और जो हारे हैं उनकी निराशा स्वाभाविक है। लेकिन कल से ही मैं जीतने वालों का अहंकार और हारने वालों का क्रोध दोनों ही देख रहा हूँ। ये दोनों ही ठीक नहीं हैं। जीतने वाले कई लोग ऐसे उपदेश दे रहे हैं, मानो जनता ने उन्हें मनमानी करने का लाइसेंस दे दिया है और हारने वाले कई लोग मतदाताओं को आगे पढ़ें …

मरहबा नमो…

(17 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी यूएई यात्रा के दौरान दुबई में बसे भारतीयों को संबोधित किया। यह ब्लॉग पोस्ट इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे एक प्रवासी भारतीय मित्र श्री शशांक गिरडकर के मूल मराठी लेख का हिन्दी अनुवाद है।) ============================================================== (यह राजनैतिक पोस्ट नहीं है, इसलिए कृपया उस अर्थ में न लें। दुबई क्रिकेट स्टेडियम से एक प्रत्यक्षदर्शी की रिपोर्ट।) ‘मरहबा नमो’ ‘अरबी भाषा में ‘मरहबा का अर्थ है ‘सुस्वागतम’। 17 अगस्त को इसी नाम से एक कार्यक्रम दुबई क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया गया था, और मैं स्वयं को भाग्यशाली समझता हूं कि आगे पढ़ें …