राफ़ेल (भाग – २)

राफ़ेल का पूरा मामला आखिर क्या है? क्या वाकई मोदी सरकार इसमें बेईमानी कर रही है? क्या रिलायंस को फ़ायदा पहुँचाने के लिए कोई हेराफेरी की गई है? जानने के लिए मेरा यह लेख पढ़ें।

राफ़ेल (भाग – १)

राफ़ेल का पूरा मामला आखिर क्या है? क्या वाकई मोदी सरकार इसमें बेईमानी कर रही है? क्या रिलायंस को फ़ायदा पहुँचाने के लिए कोई हेराफेरी की गई है? जानने के लिए मेरा यह लेख पढ़ें।

चीन का नया महाद्वीप

पिछले हफ़्ते मैंने “China’s Second Continent” (चीन का दूसरा महाद्वीप) नामक पुस्तक पढ़ी। इसके लेखक एक अमरीकी पत्रकार हॉवर्ड फ़्रेंच हैं। पुस्तक अफ्रीका में चीन द्वारा किए जा रहे निवेश और वहाँ बड़ी संख्या में रहने जा रहे चीनी नागरिकों के बारे में है। पूरे अफ्रीका महाद्वीप के कई देशों में चीन अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। चीन की मदद से इन देशों में कई सरकारी इमारतें, पुल, स्टेडियम, परिवहन और कृषि व्यवस्था में सुधार आदि कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में काम करने के लिए लाखों की संख्या में चीनी नागरिक इन अफ्रीकी आगे पढ़ें …

तेल के खेल में डूबता वेनेजुएला

कुछ दिनों पहले मैंने मालदीव और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका की घटनाओं के बारे में दो लेख लिखे थे। मालदीव का संकट अभी सुलझा नहीं है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रपति जैकब जुमा को उनकी पार्टी ने पद से हटाकर उपराष्ट्रपति सैम्युअल रैम्फोसा को नया राष्ट्रपति चुन लिया है, इसलिए वहां का मामला फिलहाल ठंडा पड़ चुका है। लेकिन दूर दक्षिण अमरीका के एक देश वेनेजुएला में भी पिछले कई महीनों से भीषण उथल-पुथल जारी है। आज के लेख में मैं उसी बारे में लिख रहा हूं। ५ मार्च २०१३ को ५८ वर्ष की आयु में वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो आगे पढ़ें …

मालदीव का राजनैतिक संकट

#मालदीव हिन्द महासागर में बिखरा हुआ एक छोटा-सा देश है। मैं सोच-समझकर ही इसे हिन्दी महासागर में ‘फ़ैला हुआ’ देश नहीं कह रहा हूँ, बल्कि बिखरा हुआ देश कह रहा हूं क्योंकि यह देश वास्तव में यह बहुत छोटे-छोटे १,१९२ द्वीपों की एक श्रृंखला है। वैसे राजनैतिक अर्थ में भी यह बिखरा हुआ देश ही है क्योंकि यहां के शासन में पिछले कई वर्षों से बहुत अस्थिरता ही रही है। पिछले साल मैं कुछ दिनों के लिए मालदीव गया था, उस समय मैंने इस देश के बारे में दो लेख लिखे थे, जो आप यहां और यहां पढ़ सकते हैं। आगे पढ़ें …

वन बेल्ट – वन रोड

सन २०१३ में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने “वन बेल्ट वन रोड” (ओबोर) प्रोजेक्ट का विचार प्रस्तुत किया। इसके अंतर्गत चीन से सड़क मार्ग और समुद्री मार्ग द्वारा एशिया, यूरोप और अफ्रीका के अनेक देशों को जोड़ने का प्रस्ताव है। चीन का दावा है कि इससे इन देशों के बीच माल परिवहन की लागत कम होगी, व्यापार बढ़ेगा और सबका लाभ होगा। कई देश इसमें शामिल हुए हैं और कई परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है। “चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा” (सीपेक) और पाकिस्तान के ग्वादर में चीन द्वारा बनाया जा रहा बंदरगाह इसी का एक हिस्सा है। चीन का यह आगे पढ़ें …

एक पोर्ट की रिपोर्ट

परसों ३० अक्टूबर को भारत का एक जहाज भारत के कांडला बंदरगाह से सामान लेकर ईरान के चाबहार बंदरगाह की तरफ रवाना हुआ। वहां से इसे ट्रकों से अफगानिस्तान भेजा जाएगा। भारत की ओर से अफगानिस्तान के लोगों की मदद के लिए ११ लाख टन गेहूं भेजा जाने वाला है और ये इसकी पहली खेप है। यह खबर आपने पिछले १-२ दिनों में पढ़ ही ली होगी। इसमें कुछ नया नहीं है और ऊपरी तौर पर इसमें कोई खास बात भी नहीं दिखती। एक से दूसरे देश में व्यापार होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन भारत से अफगानिस्तान में आगे पढ़ें …