घुसपैठ…

बांग्लादेश का निर्माण: सन १९४७ में भारत का अंतिम विभाजन हुआ और पाकिस्तान बना। आगे १९७१ में हुए युद्ध के बाद पाकिस्तान के भी दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इस बारे में मैंने विस्तार से एक लेख लिखा था, जो आप यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं। १९७१ के युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण का मुख्य कारण यह था कि बांग्लादेश के लोगों को यह महसूस होता था कि पाकिस्तान सरकार भाषा, प्रशासन, राजस्व, प्रतिनिधित्व आदि सभी मामलों में बांग्लादेश के साथ भेदभाव करती है। इसे लेकर लगातार आंदोलन चलते रहते थे और उनके दमन के लिए सेना आगे पढ़ें …

चीन का नया महाद्वीप

पिछले हफ़्ते मैंने “China’s Second Continent” (चीन का दूसरा महाद्वीप) नामक पुस्तक पढ़ी। इसके लेखक एक अमरीकी पत्रकार हॉवर्ड फ़्रेंच हैं। पुस्तक अफ्रीका में चीन द्वारा किए जा रहे निवेश और वहाँ बड़ी संख्या में रहने जा रहे चीनी नागरिकों के बारे में है। पूरे अफ्रीका महाद्वीप के कई देशों में चीन अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। चीन की मदद से इन देशों में कई सरकारी इमारतें, पुल, स्टेडियम, परिवहन और कृषि व्यवस्था में सुधार आदि कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में काम करने के लिए लाखों की संख्या में चीनी नागरिक इन अफ्रीकी आगे पढ़ें …

विजय-दिवस

सन १९४७ में भारत 🇮🇳 का विभाजन हुआ और पाकिस्तान 🇵🇰 जन्मा। तब पाकिस्तान के दो हिस्से थे – एक पश्चिमी पाकिस्तान, जो आज का पाकिस्तान है और दूसरा पूर्वी पाकिस्तान, जो आज का बांग्लादेश है। इस नए राष्ट्र के जन्म के समय पश्चिमी हिस्से की तुलना में पूर्वी पाकिस्तान की जनसंख्या ज्यादा थी। देश की आमदनी में योगदान भी पूर्वी पाकिस्तान का ही ज्यादा था। लेकिन पूर्वी पाकिस्तान के निवासी महसूस करते थे कि उनके योगदान के बदले उन्हें उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल रहा है। बांग्ला भाषा को ऊर्दू जितना महत्व नहीं मिलता था, पूर्वी भाग के आगे पढ़ें …

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव २०१७

आज २३ अप्रैल को फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान हो रहा है। पिछले दो वर्षों में, विशेषतः सीरिया में जारी युद्ध, आइसिस के उभार और यूरोप में बढ़े शरणार्थी संकट के बाद से परिस्थिति बहुत संवेदनशील हो गई है। अधिकांश देशों में शरणार्थियों के मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया और आपसी विरोध दिखाई पड़ रहा है। हर देश में कुछ गुट या पार्टियां इनके समर्थन में हैं और कुछ पूरी तरह विरोध में। इसके अलावा यूरोपीय देशों के लोग हाल ही में उभरी कुछ अन्य समस्याओं, जैसे बढ़ते अपराधों और आतंकी हमलों से भी चिंतित आगे पढ़ें …