राजीव गांधी: मिस्टर क्लीन या मिस्टर भ्रष्ट?

इंदिरा गांधी की हत्या के कुछ ही घंटों बाद 31 अक्टूबर 1984 को राजीव गांधी भारत के प्रधानमंत्री बनाए गए।डेढ़ महीने बाद ही दिसंबर में लोकसभा चुनाव हुआ और इंदिरा गांधी की हत्या से उपजी सहानुभूति की लहर में कांग्रेस को ऐतिहासिक बहुमत मिला। लोकसभा की 541 में से 414 सीटें कांग्रेस ने जीतीं। कांग्रेस को सीटें इतनी ज्यादा मिली थीं कि लोकसभा में न तो कोई अधिकृत विपक्षी दल था और न कोई नेता प्रतिपक्ष। राज्यसभा में भी कांग्रेस का ही बहुमत था।राजीव गांधी में वाकई कोई अनुभव और क्षमता होती, तो इतने बड़े बहुमत के द्वारा वे पाँच आगे पढ़ें …

भारत-बांग्लादेश भूमि सीमांकन करार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान कल भारत-बांग्लादेश भूमि सीमांकन करार पर हस्ताक्षर किए। इस करार के तहत भारत और बांग्लादेश के बीच ज़मीन की अदला-बदली की जाएगी। सोशल मीडिया पर कई लोग इस बात से नाराज़ हैं कि भारत ने अपने कुछ गाँव, कुछ ज़मीन बांग्लादेश को दे दी है। लेकिन आखिर यह करार क्या है, इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी और इससे भारत का क्या फायदा या नुकसान होगा? आइये इसके समर्थन या विरोध में कोई राय बनाने से पहले इस मामले के सभी पहलुओं को समझ लें। सन 1947 में भारत विभाजन के बाद रेडक्लिफ आगे पढ़ें …

कश्मीरी पण्डितों के दर्द को व्यक्त करती एक कविता…

मेरी बेटी की ओढ़नी तार-तार की गई- सब खामोश रहे। मुझे विवश किया गया अपना घर-द्वार छोड़कर संस्थापित से विस्थापित बनने के लिये कोई कुछ नहीं बोला। मैं अपने परिवार के साथ न्याय की गुहार लगाते हुए वर्षों से दिल्ली के फुटपाथ पर हूँ किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई भी मानवाधिकारवादी कोई भी टीवी चैनल कोई भी राजनीतिक ध्वजाधारी मेरे विषय में चर्चा नहीं करता, मेरा आर्त्तनाद नहीं बनता किसी भी प्रगतिवादी साहित्यकार की कथा का विषय। मेरी त्रासभरी आँखें नहीं बनतीं किसी भी जनवादी पत्रिका का मुख-पृष्ठ मैं अपने प्रान्त से बहिष्कृत अपने परिवेश से तिरस्कृत अपने आगे पढ़ें …