मालदीव का राजनैतिक संकट

#मालदीव हिन्द महासागर में बिखरा हुआ एक छोटा-सा देश है। मैं सोच-समझकर ही इसे हिन्दी महासागर में ‘फ़ैला हुआ’ देश नहीं कह रहा हूँ, बल्कि बिखरा हुआ देश कह रहा हूं क्योंकि यह देश वास्तव में यह बहुत छोटे-छोटे १,१९२ द्वीपों की एक श्रृंखला है। वैसे राजनैतिक अर्थ में भी यह बिखरा हुआ देश ही है क्योंकि यहां के शासन में पिछले कई वर्षों से बहुत अस्थिरता ही रही है। पिछले साल मैं कुछ दिनों के लिए मालदीव गया था, उस समय मैंने इस देश के बारे में दो लेख लिखे थे, जो आप यहां और यहां पढ़ सकते हैं। आगे पढ़ें …

मालदीव की हमारी यात्रा

हाल ही में, मैं मालदीव की यात्रा से लौटा हूं। मेरी यात्रा का विवरण आपके लिए इस पोस्ट में शेयर कर रहा हूं। मैं अपने परिवार के साथ १४ अप्रैल की रात में मालदीव पहुंचा। चूंकि शाम ७ बजे के बाद रिसॉर्ट पर जाने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए हमने पहले ही हुलहुमाले के एक होटल में कमरा बुक करवा लिया था। हुलहले द्वीप के पास ही हुलहुमाले एक नया द्वीप है, जो समुद्र को पाटकर बनाया गया है। एक पुल इन दोनों द्वीपों को जोड़ता है। हुलहुमाले बहुत सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से बसाया जा रहा छोटा-सा नगर आगे पढ़ें …

मालदीव: हिन्द महासागर में द्वीपों का देश

कुछ तथ्य: क्षेत्रफल– ९० हजार वर्ग किमी (केवल २९८ वर्ग किमी भूमि) कुल द्वीप – ११९० (मानव बस्ती केवल १८८) जनसंख्या – ४ लाख ७ हजार राजधानी – माले (जनसंख्या १ लाख १६ हज़ार) स्थानीय समय – जीएमटी +५ भाषा – दिवेही (आधिकारिक), अंग्रेज़ी धर्म – इस्लाम (१००%) मुद्रा – रुफिया भारत के दक्षिण पश्चिम में लक्षद्वीप से कुछ ही दूरी पर एशिया का सबसे छोटा देश ‘मालदीव’ स्थित है। यह ९० हजार वर्ग किमी में फैले १९ प्रवाल द्वीपसमूहों (स्थानीय भाषा में एटोल) की एक श्रृंखला है, जिसमें लगभग ११९२ द्वीप हैं। लेकिन इसका १ प्रतिशत से भी कम, आगे पढ़ें …