श्रीलंका में राजनैतिक संघर्ष

भारत में जब आप पिछले दो महीनों के दौरान कुछ विधानसभा चुनावों की ख़बरें जानने में व्यस्त थे, उसी दौरान श्रीलंका में भी एक बड़ी राजनैतिक हलचल हो रही थी। इसकी शुरुआत २६ अक्टूबर को हुई। राष्ट्रपति मैत्रीपाल श्रीसेन ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को पद से हटाए बिना ही महेंद्र राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। इसका मतलब एक ही समय पर देश में दो प्रधानमंत्री हो गए। इसके कारण देश में एक बड़ा संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था। रानिल विक्रमसिंघे ने राजपक्षे की नियुक्ति को अवैध बताया और पद छोड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने संसद का सत्र आगे पढ़ें …